आंखों से चश्मा उतारने या पर्स छीनने में माहिर बंदर,अभियान चला तो आ गए पिंजरे के अंदर
मथुरा। वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के आसपास बंदरों का आतंक ज्यादा है। ये श्रद्धालुओं का चश्मा उतारकर या बैग चुराकर भाग जाते हैं। फिर फ्रूटी या बिस्किट देने के बाद ही वापस करते हैं। अब बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जा रहा है। बंदरों के उत्पात से स्थानीय लोगों तथा देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं काे बचाने के लिए नगर निगम ने बंदर पकड़ने के अभियान की शुरुआत की है। ठेकेदार द्वारा पिछले 25 नवंबर से शुरू किए अभियान में अब तक एक हजार बंदरों को पकड़कर जंगलों में पहुंचाया गया है। ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी में बंदरों के उत्पात से न केवल स्थानीय निवासी बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु पर्यटक भी लंबे समय से परेशान हैं। लोग चश्मा पहनकर सड़क पर निकल नहीं सकते। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की आंख से जब बंदर अचानक चश्मा उतारकर ले जाता है, तो श्रद्धालु खुद को ठगा सा महसूस करता है। दिनभर लोग बंदरों से अपने चश्मा, पर्स आदि छुड़ाते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दे जाते हैं। ऐसे में नगर निगम ने बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करवाया। नगर निगम ने वृंदावन में बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की जिम्मेदारी का ठेका राशिक मंकी केचर के ठेकेदार राशिद को दिया है। सैकड़ों की संख्या में टीम ने बंदरों को पकड़कर जंगल पहुंचाया। राशिद ने बताया 25 नवंबर से अब तक एक हजार बंदरों को पकड़कर सुरक्षित जंगलों तक पहुंचा दिया गया है। अभियान एकवर्ष तक लगातार जारी रहेगा।