स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, तीन हजार पहुंचा एक हजार का बिल
मथुरा। सर्दी के मौसम में स्मार्ट मीटर में आ रहा बिजली का बिल उपभोक्ताओं का पसीना निकाल रहा है। विद्युत चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा रहा है, लेकिन ये उपभोक्ताओं के लिए सिर दर्द बन गए हैं। जिले में 5.25 लाख विद्युत उपभोक्ताओं में से 1.5 लाख के यहां निगम स्मार्ट मीटर लगा चुका है। अधिकारियों का तर्क है कि इससे बिजली चोरी रुकेगी वहीं उपभोक्ता अपने विद्युत लोड को देख सकेंगे। वहीं बिल में अचानक बढ़ोत्तरी की शिकायत लेकर उपभोक्ता कैंट स्थित विद्युत निगम के कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां अधिकारी उनकी समस्या का निस्तारण करने के स्थान पर बिजली कम खर्च करने की सलाह दे रहे हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि स्मार्ट मीटर रीडिंग के हिसाब से बिल बनाता है। उपभोक्ता अपना बिल और लोड मोबाइल एप यूपीपीसीएल स्मार्ट में देख सकते हैं। यदि किसी को बिल अधिक आने की शिकायत है तो वह लिखित में शिकायत कर सकता है। मामले की जांच कराई जाएगी। सदर निवासी उमेश यादव ने बताया कि जून में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगा था। सर्दियों में उनके यहां केवल बल्ब जलते हैं। बिजली का बिल कम न होकर अधिक आ रहा है। नटवर नगर निवासी रमेश सिसोदिया ने बताया कि सर्दियों में कूलर, पंखा, एसी सब बंद है, बिल फिर भी अधिक आ रहा है। उन्होंने थर्ड पार्टी टेस्टिंग के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। कदंब विहार निवासी 80 वर्षीय प्रेम शर्मा ने बताया कि वह अपने मकान में अकेले रहती हैं। पूर्व में 300 से 400 के बीच बिल आता था, वर्तमान में एक हजार रुपये आ रहा है। नरसीपुरम निवासी पवन छौंकर ने बताया कि जून 2025 में उनका कनेक्शन प्रीपेड हो गया था। नवंबर और दिसंबर का बिल 3 हजार और 3090 हजार रुपये आया है।